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Tuesday, December 20, 2011
Tuesday, November 8, 2011
Some Beautiful Quotes..:)
Happiness in relationships comes when a person start loving uniqueness
in other and see beautifully imperfections . The best and beautiful
thing in the world cannot be seen or touched ......it is always felt by
heart.....:)
emotions outpouring with the walk towards the sweet lane to wedding bell...........
:)
emotions outpouring with the walk towards the sweet lane to wedding bell...........
Tuesday, November 1, 2011
Emotions floating for the upcoming new life........:)
जीवन के इस सफ़र में एक नई सी डगर है,
नई सी एक मंजिल है, नया सा कुछ अहसास है,
हर वक़्त मुझे अब तो चाहत का है नशा सा,
कुछ हूँ मैं खोया सा कुछ हूँ मैं बहका सा,
बन रही है नई आशाएं और एक विश्वास भी है,
मंजिल मिल ही जाएंगी ये एक अहसास भी है....
Sachin
जिंदगी के इस नए मोड़ की तरफ हम बढ़ते जा रहे है
हर पल एक नया सपना और विश्वास संझोते जा रहे है
चाहत के नशे में खोते जा रहे है
प्यार में मदहोश से नज़र आ रहे है
नई ज़िन्दगी के स्वागत के लिए उत्सुख से हुए जा रहे है.... Akansha
हर पल एक नया सपना और विश्वास संझोते जा रहे है
चाहत के नशे में खोते जा रहे है
प्यार में मदहोश से नज़र आ रहे है
नई ज़िन्दगी के स्वागत के लिए उत्सुख से हुए जा रहे है.... Akansha
Saturday, August 20, 2011
पंछी उड़ते जाते है, वो तो बस उड़ते ही जाते है, जिंदगी की कसौटी पर खरे उतरते जाते है.............
पंछी उड़ते जाते है, वो तो बस उड़ते ही जाते है
जिंदगी की कसौटी पर खरे उतरते जाते है
रफ्तार कम हुई पर पंछी की रही हमेशा मंजिल पर नजर ....मंजिल ऊँची इनकी आगे बढ़ते ही जाते है
नए नए बुलंदियों को छूने की रोज़ उम्मीद लगते है
जिंदगी की कसौटी पर खरे उतरते जाते है मंजिल ऊँची है उनकी रोक सके ना कोई
आंधी तूफ़ान सर्दी गर्मी चाहे कैसी भी परिस्थिति होई,
विषम से विषम परिस्थिति का हो पाया बस इतना असर,
रफ़्तार कम हुई ,पर पंछी की रही हमेशा मंजिल पर नज़र ....
विषम से विषम परिस्थिति का हो पाया बस इतना असररफ्तार कम हुई पर पंछी की रही हमेशा मंजिल पर नजर ....मंजिल ऊँची इनकी आगे बढ़ते ही जाते है
नए नए बुलंदियों को छूने की रोज़ उम्मीद लगते है
हर परिस्थिति से सिखाया संघर्ष
आगे बढ़ते ही गए स्वीकारकर हर परिस्थिति को सहर्ष
अपना अस्तित्व बनाया इन्होने रखकर सबको साथ
बढ़ने से रोख ना पाए चाहे दिन हो या रात
हर पल ने बहुत सिखाया,
हर सीख ने आगे बढाया और परिपक्व बनाया
ख्वाब ऊँचे इनके ,आकाश भी नहीं है उनकी सीमा,
मेहनत , लगन, विश्वास की द्रद्ता इतनी की बढ़ेगे आगे चाहे आये कितना पसीना
पंछी उड़ते जाते है, वो तो बस उड़ते ही जाते हैजिंदगी की कसौटी पर खरे उतरते जाते है ......
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